सामाजिक सरोकार : रॉयल कॉलेज में पौधारोपण पखवाड़े का शुभारंभ

सामाजिक सरोकार : रॉयल कॉलेज में पौधारोपण पखवाड़े का शुभारंभ

"लगाए जाएंगे 1000 से अधिक फलदार व छायादार पौधे"

हरमुद्दा
रतलाम, 23 जुलाई। सालाखेड़ी स्थित 65 बीघा क्षेत्रफल में फैले रॉयल कॉलेज में पौधारोपण पखवाड़े का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पखवाड़े के अंतर्गत महाविद्यालय में लगभग 1000 फलदार और छायादार पौधों को रोपित किया जाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. महेश पालीवाल ने लाल चंदन का पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया और परशुराम कल्याण बोर्ड के उज्जैन संभाग प्रभारी अनुराग लोखंडे जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

6 प्रजाति के रौपे जाएंगे आम

रॉयल कॉलेज के कैंपस प्रशासक दिनेश राजपुरोहित ने पखवाड़े की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जिन पौधों का रोपण किया जा रहा है, उनमें 6 प्रजाति के आम, लीची, फालसे, लाल शहतूत, नाशपाती, अमेरिकन रेड जामफल व ताइवान पिंक जामफल, आंवला, हाइब्रिड जामुन, मैंगोस्टीन, आड़ू, बेल पत्र, बॉटल पाम, वाटर एप्पल, गोल्डन सीताफल, एप्पल बेर, भगवा अनार, फाइकस और हाइब्रिड चीकू आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

2000 से अधिक वृक्ष दे रहे छाया

श्री राजपुरोहित ने यह भी बताया कि पिछले 30 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा को समेटे हुए इस संस्थान में वर्तमान में लगभग 2000 से अधिक छायादार और फलों के वृक्ष लहलहा रहे हैं। ये न केवल यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं बल्कि भीषण गर्मी के दौरान भी वातावरण को शीतल रखते हुए शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए संस्थान ने इसे पूरी तरह से वायु और ध्वनि प्रदूषण मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया है, जहाँ धूल से बचाव के लिए आवागमन के मार्गों पर आधुनिक पेवर ब्लॉक बिछाए गए हैं।

चट्टान वाली जमीन पर हरियाली का सफल प्रयास

महाविद्यालय की जीवंतता और सौंदर्य में चार चाँद लगाने के लिए यहाँ गुलाब, कमल और जरवेरा जैसे आकर्षक फूलों के कई भव्य उद्यान और सुंदर फव्वारे स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कई फ्रूट गार्डन्स में आम, चीकू, जामुन, जामफल, आवला, एप्पल बोर, नींबू, मौसंबी, संतरा, बादाम, सीताफल, पपीता, केला, कटहल, अंजीर और शहतूत के सैकड़ो पेड़ों को लगाया गया है। सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि यहाँ की सम्पूर्ण जमीन पथरीली व चट्टान वाली है, इसके बावजूद जमीन में गड्ढे खोद कर और उनमें मिट्टी भरकर इन पेड़-पौधों को सफलतापूर्वक लगाया गया है।

यह थे मौजूद

पौधारोपण पखवाड़े के इस शुभ अवसर पर मैनेजमेंट प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, टीचर एजुकेशन प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, फार्मेसी प्राचार्य डॉ. कल्पना पाटीदार, लाइफ साइंस प्राचार्य कपिल केरोल एवं नर्सिंग प्राचार्य जगदीश डुके के साथ-साथ महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।