पत्रकारिता के एक स्वर्णिम युग का अंत: वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी नहीं रहे
⚫ समाज और मीडिया जगत स्तब्ध
⚫ सोमवार को निकलेगी अंतिम यात्रा
हरमुद्दा
रतलाम, 9 अगस्त। पत्रकारिता के उच्च आदर्शों, सामाजिक मूल्यों और श्रमजीवी पत्रकारों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्षरत रहने वाले पत्रकार शरद जोशी का रविवार, 9 अगस्त को 78 वर्ष की आयु में इंदौर के निजी चिकित्सालय में निधन हो गया। वे विगत कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके देवलोकगमन की सूचना मिलते ही रतलाम सहित संपूर्ण मध्य प्रदेश के पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।उनकी अंतिम यात्रा सोमवार, 10 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे उनके निज निवास, पैलेस रोड (रतलाम) से निकलेगी।
सिद्धांतों, साहस और जन-सरोकारों से सजी जीवन यात्रा
शरद जोशी केवल एक कलमकार नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। अपने दीर्घकालिक पत्रकारिता जीवन में उन्होंने निष्पक्षता, निर्भीकता और लोक-कल्याण को सदैव प्राथमिकता दी। वे रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष, नागरिक बैंक एवं जिला सहकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष तथा रेडक्रॉस के वरिष्ठ संचालक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने पत्रकारों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व किया।
मार्गदर्शक और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रहरी
उन्होंने कभी पत्रकारिता को महज़ एक व्यवसाय नहीं माना, बल्कि इसे समाज और लोकतंत्र के प्रति एक पवित्र उत्तरदायित्व के रूप में जिया। कई पीढ़ियों के पत्रकारों का मार्गदर्शन करने वाले श्री जोशी का जाना एक ऐसे दौर का अंत है, जिसकी पहचान सिद्धांतों और संघर्ष से थी। उनके निधन से प्रदेश ने एक बेहद संवेदनशील, अनुभवी और अडिग जन-अवाज को खो दिया है।
Hemant Bhatt