मित्रता दिवस पर पसरा मातम: करमदी रोड पर बंद स्ट्रीट लाइटों ने ली दो दोस्तों की जान

मित्रता दिवस पर पसरा मातम: करमदी रोड पर बंद स्ट्रीट लाइटों ने ली दो दोस्तों की जान

मेहनतकश परिवारों के सहारे थे दोनों युवा

⚫ सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची मौके पर

⚫ अस्पताल में किया मृत घोषित

हरमुद्दा
​रतलाम, 3 अगस्त। जहाँ एक तरफ पूरा शहर रविवार को 'फ्रेंडशिप डे' की खुशियाँ मना रहा था, वहीं दूसरी ओर करमदी मार्ग पर पसरे भयानक अंधेरे ने दो नवयुवकों की जिंदगी का दीप हमेशा के लिए बुझा दिया। डिवाइडर से बाइक टकराने के कारण हुए भीषण हादसे में दो घनिष्ट मित्रों की मौत हो गई। हादसों को दावत देती बंद स्ट्रीट लाइटें और प्रशासनिक अनदेखी जानलेवा दुर्घटना जैसी लापरवाही की मुख्य वजह बनकर सामने आई हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों को अस्पताल भिजवाया गया जहां अमृत घोषित कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 


​3 मिनट का फासला और जिंदगी का फैसला

​मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार देर रात की है। करमदी से तीन दोस्त केशव पिता नूतन परिहार, शोएब पिता राजा और धर्मेंद्र राठौर एक ही बाइक से निकले थे। हादसे से महज कुछ मिनट पहले धर्मेंद्र रास्ते में स्थित एक पेट्रोल पंप पर अपने साथी से मिलने के लिए उतर गया था। यदि धर्मेंद्र बाइक से न उतरता तो शायद हादसा और भी भयावह हो सकता था। धर्मेंद्र के उतरते ही आगे बढ़ते ही केशव और शोएब की बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​मेहनतकश परिवारों के सहारे थे दोनों युवा

​केशव परिहार: डेकोरेशन का काम करता था। उनके पिता नूतन परिहार की फूलमंडी में चाय की दुकान है।

शोएब : आइसक्रीम पार्लर में कार्यरत था। उनके पिता 'डाट की पुल' के पास फल का ठेला लगाते हैं।

​दोनों ही अपने-अपने परिवारों के आर्थिक स्तंभ थे, जिनकी असमय मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

​सड़क पर पसरा अंधियारा बना 'साइलेंट किलर'

सड़क पर पसरा अंधेरा

इस दर्दनाक हादसे ने नगर निगम और मार्ग रखरखाव एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, दुर्घटना के समय सड़क की स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद थीं।

​दिखाई नहीं दिया डिवाइडर

रात के घने अंधेरे में लाइटें बंद होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर बना डिवाइडर स्पष्ट नजर नहीं आता।

​पहले भी हो चुके हैं हादसे

स्थानीय लोगों का कहना है कि करमदी रोड पर लाइटों का बंद रहना कोई नई बात नहीं है। बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

​जनता का गुस्सा: कब जागेगा प्रशासन?

​दो होनहार युवकों की जान जाने के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। नागरिकों का कहना है कि यदि मार्ग पर रोशनी पर्याप्त होती, तो केशव और शोएब आज अपने परिवारों के बीच होते।

​मुद्दे की बात 

⚫ ​शहर के मुख्य और व्यस्त मार्गों पर स्ट्रीट लाइटें बंद क्यों रहती हैं?

⚫ ​क्या मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है?

⚫ ​इन मासूमों की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है?

​स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि करमदी मार्ग सहित शहर के सभी क्षेत्रों और मुख्य सड़कों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार का चिराग इस तरह अंधेरे की बलि न चढ़े।