रतलाम में बड़ी कार्रवाई: पलाश की अंजना इण्डेन गैस एजेंसी पर प्रशासन का छापा
⚫ घटतौली और अवैध सिलेंडरों का भंडाफोड़
⚫ न नियम, न कायदे: न स्टॉक बोर्ड, न तौल उपकरण का प्रमाण-पत्र
हरमुद्दा
रतलाम,2 सितंबर। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत ग्राम रानीसिंग के ग्रामीणों द्वारा की गई लिखित शिकायत पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अजय कटेसरिया के निर्देशों का पालन करते हुए 1 सितंबर 2026 को जिला आपूर्ति अधिकारी, नापतौल निरीक्षक और सहायक आपूर्ति अधिकारी (रतलाम ग्रामीण) के संयुक्त दल ने ग्राम पलाश स्थित ‘अंजना इण्डेन ग्रामीण वितरक’ पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान गैस एजेंसी में बड़े पैमाने पर मनमानी, घटतौली और गंभीर अनियमितताओं की पोल खुल गई।
बिना विस्फोटक लाइसेंस चल रहा था अवैध गोदाम
जांच दल जब मौके पर पहुंचा, तो एजेंसी के दफ्तर के पास स्थित 2 कमरों और खुले परिसर में बिना किसी विस्फोटक लाइसेंस के भारी मात्रा में अवैध रूप से रखे गैस सिलेंडर बरामद हुए। दल ने मौके से दर्जनों सिलेंडर जब्त किए।
⚫ 14.2 किलोग्राम (घरेलू): 50 भरे और 103 खाली सिलेंडर
⚫ 19 किलोग्राम (कमर्शियल): 06 भरे और
⚫ 02 खाली सिलेंडर
⚫ 05 किलोग्राम (छोटे): 19 भरे और 12 खाली सिलेंडर।
इन सभी अवैध सिलेंडरों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर सुपुर्दगी में लिया गया और अधिकृत गोदाम में स्थानांतरित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए।
गैस चोरी का भंडाफोड़, तय मानक से 1.100 किग्रा कम निकली गैस
नापतौल (विधिक मापविज्ञान) विभाग की टीम ने जब एजेंसी में रखे भरे हुए सिलेंडरों की रैंडम जांच की, तो उपभोक्ताओं से की जा रही खुली लूट का खुलासा हुआ। जांचे गए 10 सिलेंडरों में से 14.2 किग्रा क्षमता वाले एक सिलेंडर में निर्धारित मानक से 1 किलो 100 ग्राम गैस कम पाई गई।
गैस की इस सीधी चोरी पर विभाग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सिलेंडर को जब्त किया और एजेंसी के खिलाफ विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 एवं नियमावली-2011 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
न नियम, न कायदे: न स्टॉक बोर्ड, न तौल उपकरण का प्रमाण-पत्र
जांच के दौरान गैस एजेंसी में नियमों की धज्जियां उड़ती पाई गईं। मौके पर एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को गुमराह करने और मनमानी चलाने के कई सबूत मिले।
⚫ स्टॉक व रेट बोर्ड गायब: परिसर में कोई स्टॉक रजिस्टर, स्टॉक-भाव सूची (रेट बोर्ड) या उपभोक्ता विवरण रजिस्टर प्रदर्शित नहीं था।
⚫ लेखा-जोखा शून्य: दैनिक क्रय-विक्रय, भंडारण और डिलीवरी का कोई भी आवश्यक रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था।
⚫ तौल उपकरणों में धांधली: इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण का सत्यापन प्रमाण-पत्र न तो प्रदर्शित था और न ही जांच के लिए जरूरी बाट उपलब्ध कराए गए।
प्रबंधक और प्रोपराइटर पर आपराधिक प्रकरण दर्ज
कलेक्टर के सख्त रुख के बाद, ‘अंजना इण्डेन ग्रामीण वितरक’ के प्रबंधक/कर्मचारी कृष्णपाल सिंह पंवार और प्रोपराइटर अंजना राठौर के खिलाफ शिकंजा कस दिया गया है। दोनों आरोपियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, नापतौल निरीक्षक द्वारा विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 व नियमावली-2011 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
Hemant Bhatt