रतलाम न्यायालय का बड़ा फैसला: जमीन विवाद में जानलेवा हमला करने वाले 5 आरोपी दोषी करार

रतलाम न्यायालय का बड़ा फैसला: जमीन विवाद में जानलेवा हमला करने वाले 5 आरोपी दोषी करार

मामला अक्टूबर 2019 का,

सात-सात वर्ष की सुनाई सजा

⚫ महिला और परिजनों पर किया था तलवार और सरियों से हमला

हरमुद्दा
​रतलाम, 2 सितंबर। जिले के थाना बिलपांक अंतर्गत ग्राम कुड़ीपाड़ा में भूमि विवाद को लेकर महिला और उसके परिवार पर तलवार, लोहे के सरिये व लाठियों से जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव के न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए पांचों आरोपियों को दोषसिद्ध (दोषी) ठहराया है।
​प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार द्वारा की गई।

ये हैं दोषी करार दिए गए आरोपी

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने प्रकरण की पूरी जानकारी देते हुए हरमुद्दा को बताया कि दोषी करार दिए गए इन आरोपियों को सजा हुई है।

⚫ ​बाबु पिता गिरधारी भाभर (उम्र 55 वर्ष, निवासी लोचीतारा, जिला रतलाम)

⚫ ​नानालाल उर्फ नानजी पिता वागुजी देवदा (उम्र 45 वर्ष, निवासी झरखेड़ी)

⚫ ​चम्पालाल पिता नानुराम भूरिया (उम्र 45 वर्ष, निवासी कुड़ीपाड़ा, जिला रतलाम)

⚫ ​राधेश्याम पिता नानुराम भूरिया (उम्र 36 वर्ष, निवासी कुड़ीपाड़ा)

⚫ ​देवराम पिता नगजी मईड़ा (उम्र 63 वर्ष, निवासी झरखेड़ी)

​क्या था पूरा मामला?

​मामला 23 अक्टूबर 2019 की सुबह लगभग 05:00 से 05:30 बजे का है। फरियादी धूलीबाई के पति सोना ने दो विवाह किए थे। पांचों आरोपी पहली पत्नी लीलाबाई के रिश्तेदार थे, जो सोना के नाम दर्ज 14 बीघा जमीन पर कब्जे और खेती को लेकर लगातार विवाद कर रहे थे।
​घटना के दिन सभी आरोपियों ने लामबंद होकर धूलीबाई के घर के बाहर उसकी पुत्री सुभद्रा और दामाद नरसींग को घेर लिया। आरोपियों ने जमीन न देने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी दी और जानलेवा हमला कर दिया।

​मुख्य आरोपी बाबू भाभर ने धारदार तलवार से नरसींग के सिर पर सीधा वार किया।

⚫ ​अन्य आरोपियों ने लोहे के सरिये और लाठियों से सुभद्रा व नरसींग पर ताबड़तोड़ हमले किए।

⚫ ​बीच-बचाव करने आई धूलीबाई के साथ भी मारपीट की गई।

⚫ ​गंभीर रूप से घायल नरसींग को प्राथमिक इलाज के बाद सिविल हॉस्पिटल अहमदाबाद रेफर किया गया, जहां उसके सिर का गंभीर ऑपरेशन कर ट्यूमर और हेमरेज का इलाज किया गया।

इन मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध हुआ अपराध

​चिकित्सकीय साक्ष्य (Medical Evidence): मेडिकल रिपोर्ट में नरसींग के सिर में गंभीर हेमरेज और पैर की हड्डियों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। वहीं, सुभद्रा के हाथ में भी फ्रैक्चर पाया गया।

​प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही

न्यायालय ने फरियादी धूलीबाई, घायल नरसींग, घायल सुभद्रा और प्रत्यक्षदर्शी संध्या डोडियार के बयानों को पूरी तरह विश्वसनीय माना।

​वैज्ञानिक एवं FSL रिपोर्ट

पुलिस द्वारा घटनास्थल से जब्त खून लगा टॉवेल, गोदड़ी और आरोपी बाबू भाभर की टी-शर्ट व घायल के कपड़ों को FSL जांच के लिए भेजा गया था। FSL रिपोर्ट में इन सभी पर मानव रक्त (Human Blood) होने की पुष्टि हुई।

​आर्म्स एक्ट (आयुध अधिनियम)

आरोपी बाबू भाभर के पास से जब्त तलवार प्रतिबंधित आकार-प्रकार की पाई गई, जिसका कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस पर न्यायालय ने बाबू भाभर के विरुद्ध आर्म्स एक्ट का भी अपराध सिद्ध माना।

पाया आरोपियों को दोषी

अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और मेडिकल/एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने पांचों आरोपियों को दोषी पाया।