रतलाम बाजना रोड: सागोद पुलिया अंडरब्रिज बना आफत का सबब
⚫ पानी में डूबकर बंद हो रहे वाहन, रेलवे प्रशासन बेखबर
⚫ जल जमाव से कर्मचारी, मजदूर और स्कूली बच्चे परेशान
हरमुद्दा
रतलाम, 3 अगस्त। रतलाम-बाजना मार्ग पर सागोद पुलिया के समीप निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के दौरान ट्रैफिक को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाया गया रेलवे अंडरब्रिज अब आमजन के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भारी मुसीबत बन चुका है। पिछले दो दिनों से इस अंडरब्रिज में भारी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन रेलवे प्रशासन की उदासीनता और अनदेखी के चलते हजारों लोगों को रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरना पड़ रहा है।

पानी में डूबकर बंद हो रहे वाहन, रेलवे प्रशासन बेखबर
अंडरब्रिज में लबालब भरे पानी के कारण सबसे ज्यादा फजीहत दोपहिया वाहन चालकों की हो रही है। आधे से अधिक डूबकर वाहन बीच पानी में ही बंद हो रहे हैं, जिससे चालकों को धक्का मारकर गाड़ियां बाहर निकालनी पड़ रही हैं। विडंबना यह है कि समस्या सामने आने के बाद भी रेलवे प्रशासन द्वारा जल निकासी का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ना तो यहां पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है और ना ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

मजदूर, कर्मचारी और छात्र सबसे अधिक प्रभावित
यह मार्ग शहर की एक प्रमुख जीवनरेखा है, जिससे रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही होती है।
कर्मचारी एवं मजदूर वर्ग: रोजाना मजदूरी और नौकरी पर जाने वाले लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पानी में वाहन खराब होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चे और ऑटो चालक
इस मार्ग पर उत्कृष्ट विद्यालय सहित कई प्रमुख निजी व शासकीय शिक्षण संस्थान स्थित हैं। छोटे-छोटे बच्चों को ले जाने वाले ऑटो-रिक्शा और वैन जलभराव में फंस रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
शासकीय कार्यालयों के चक्कर
वन विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग जैसे कई महत्वपूर्ण शासकीय दफ्तर इसी क्षेत्र में हैं। शासकीय कार्य से आने-जाने वाले आम नागरिकों और अधिकारियों को भी इस अव्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
लापरवाही पर उठते तीखे सवाल
पूर्व तैयारी क्यों नहीं? जब अंडरब्रिज का निर्माण किया गया, तो बारिश या जलभराव से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की योजना बनाई है मगर वह ठप्प पड़ी हुई है प्रशासन मौन क्यों? पिछले दो दिनों से हजारों लोग परेशान हैं, लेकिन रेलवे का संबंधित इंजीनियरिंग विभाग आंखें मूंदकर क्यों बैठा है?
हादसे का इंतजार? स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहनों के डूबने का जोखिम बना हुआ है, क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेगा?
आक्रोशित क्षेत्रवासियों की मांग
क्षेत्र की कॉलोनी में रहने वाले निवासियों, कर्मचारियों और अभिभावकों ने रेलवे प्रशासन व जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से पंप लगाकर अंडरब्रिज से पानी निकाला जाए और स्थाई रूप से जल निकासी की व्यवस्था की जाए। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनाक्रोश सड़कों पर दिखाई दे सकता है।
Hemant Bhatt