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शख्सियत : केवल शब्दों का संसार नहीं होती कविता
समकालीन विधाओं में भी स्त्री, दलित, आदिवासी और शोषित वर्गों की अस्मिता और अधिकारों...
बेटा-बेटी में फर्क की बलि चढ़ी 4 दिन की मासूम
यह घटना न केवल एक मासूम की असमय मौत की खबर है, बल्कि हमारे समाज की उस कड़वी हकीकत...