आस्था का महासंगम: उज्जैन से उमराई तक निकलेगी माँ त्रिपुरा सुंदरी की भव्य दर्शन यात्रा
⚫ धर्म और एकता का गुंजेगा संदेश
⚫ श्री विश्वकर्मा पांचाल समाज मध्यप्रदेश एवं पांचाल युवा मित्र मंडल का प्रयास
⚫ रतलाम जिले सहित समूचे अंचल के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
हरमुद्दा
रतलाम, 7 सितंबर। सनातन धर्म एवं प्रांतीय संस्कृति को मजबूती प्रदान करने के ध्येय से श्री विश्वकर्मा पांचाल समाज मध्यप्रदेश एवं पांचाल युवा मित्र मंडल द्वारा एक विशाल धार्मिक दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 11 अक्टूबर 2026 को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से प्रारंभ होकर यह भव्य यात्रा राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (उमराई) पहुंचेगी। यात्रा को लेकर रतलाम जिले सहित समूचे अंचल के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

धार्मिक चेतना के साथ सामाजिक समरसता का संकल्प
धर्मनिष्ठ राकेश पांचाल ने हरमुद्दा को बताया कि वर्तमान समय में जहाँ भौतिकता हावी हो रही है, वहीं यह यात्रा धर्म संस्कृति के पुनरुत्थान, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का सशक्त माध्यम बनेगी। आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल दर्शन-पूजन तक सीमित न होकर समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जड़ों, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना है। “आस्था की डगर, माँ का दरबार, त्रिपुरा सुंदरी करे बेड़ा पार” के जयघोष के साथ निकलने वाली यह यात्रा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना को समर्पित है।
युवाओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने की पहल
इस यात्रा की सबसे विशेष बात युवाओं की सक्रिय सहभागिता है। आज के डिजिटल युग में युवाओं को अपनी समृद्ध धार्मिक विरासत से परिचित कराने और उन्हें सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग बनाने के लिए विशेष आह्वान किया गया है। आयोजकों का मानना है कि जब युवा धर्म और संस्कृति के ध्वजवाहक बनते हैं, तो समाज को एक सकारात्मक और राष्ट्र हितैषी दिशा मिलती है।
समस्त श्रद्धालुजनों से सहभागिता की अपील
श्री विश्वकर्मा पांचाल समाज एवं पांचाल युवा मित्र मंडल मध्यप्रदेश ने रतलाम एवं आसपास के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं व माताओं-बहनों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 11 अक्टूबर को उज्जैन पहुँचकर इस भव्य दर्शन यात्रा का हिस्सा बनें और माँ त्रिपुरा सुंदरी का परम आशीर्वाद प्राप्त करें।
Hemant Bhatt