रेलयात्री सरोकार : 26 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी 'सुविधा' के नाम पर दुर्दशा
अमृत भारत योजना के नाम पर केवल स्टेशन का ढांचा चमका देना और बुनियादी सुविधाओं को भूल जाना रेलवे प्रशासन की साख पर धब्बा है। स्थानीय नागरिकों और रेल यात्रियों ने रेल मंत्रालय और पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन से मांग की है कि उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय के नक्शे और व्यवस्था में तत्काल सुधार कर अटैच वॉशरूम, बाथरूम और चेंजिंग एरिया का निर्माण कराया जाए।
रेलयात्री सरोकार : 26 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी 'सुविधा' के नाम पर दुर्दशा
⚫ नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय में न वॉशरूम, न चेंजिंग एरिया
⚫ यात्रियों में भारी आक्रोश
⚫ अमृत भारत स्टेशन योजना में हुआ है पुनर्विकास
हरमुद्दा
नर्मदापुरम, 11 सितंबर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 26 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत से संवारे गए नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर निर्माण और नियोजन की गंभीर चूक सामने आ रही है। स्टेशन को नर्मदा संस्कृति और स्थानीय लोक कला की आकर्षक थीम पर सजाकर नया स्वरूप तो दे दिया गया है, लेकिन धरातल पर यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।

सबसे बुरा हाल स्टेशन के उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय (High Class Waiting Hall) का है, जहां सुविधाओं के नाम पर लापरवाही की हद पार कर दी गई है।
वीआईपी किराए का भुगतान, सुविधा के नाम पर शून्य
उच्च श्रेणी का टिकट खरीदकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बना प्रतीक्षालय सुविधाओं के मामले में बदहाल है।

न अटैच वॉशरूम, न बाथरूम: उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय के हॉल को बेहद सीमित कर दिया गया है। हॉल के भीतर न तो अटैच वॉशरूम की सुविधा है और न ही बाथरूम।
चेंजिंग रूम तक नदारद: लंबी दूरी की यात्रा करने वाले या महिला यात्रियों के लिए कपड़े बदलने (चेंजिंग एरिया) तक का कोई अलग इंतजाम नहीं किया गया है।
सामान्य शौचालय की लाइन में लगने को मजबूर

उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय में ठहरे यात्रियों को शौच या फ्रेश होने के लिए सामान्य श्रेणी के यात्रियों के लिए बने सार्वजनिक शौचालयों का रुख करना पड़ता है। वहां भी लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
योजना और क्रियान्वयन पर उठे सवाल
26 करोड़ रुपये की लागत से हुए इस पुनर्विकास कार्य में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद मूलभूत स्थापत्य (Architectural Design) में इतनी बड़ी लापरवाही को अधिकारियों की नासमझी और अनदेखी का नतीजा माना जा रहा है।

जिम्मेदारों की नजर आती है घोर लापरवाही
"स्टेशन की दीवारों पर लोक कला और नर्मदा संस्कृति को उकेर कर चमका तो दिया गया है, लेकिन यात्री सुविधाओं के नाम पर योजना बनाने वाले जिम्मेदारों ने अपनी घोर लापरवाही का परिचय दिया है। जब प्रथम श्रेणी का किराया देकर यात्री स्टेशन पर रुकता है, तो उसे बुनियादी सुविधाओं के लिए बाहर भटकना पड़ता है।"
⚫ मनोज अन्विति अरोरा, एक परेशान यात्री दम्पत्ति
सुधार की दरकार
नर्मदापुरम एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु और यात्री आते हैं। ऐसे में अमृत भारत योजना के नाम पर केवल स्टेशन का ढांचा चमका देना और बुनियादी सुविधाओं को भूल जाना रेलवे प्रशासन की साख पर धब्बा है। स्थानीय नागरिकों और रेल यात्रियों ने रेल मंत्रालय और पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन से मांग की है कि उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय के नक्शे और व्यवस्था में तत्काल सुधार कर अटैच वॉशरूम, बाथरूम और चेंजिंग एरिया का निर्माण कराया जाए।
Hemant Bhatt