सामाजिक सरोकार : युवाओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ, प्रभावशाली नारों से गुंजायमान रहा महाविद्यालय

सामाजिक सरोकार : युवाओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ, प्रभावशाली नारों से गुंजायमान रहा महाविद्यालय

श्री योगीन्द्र सागर इंस्टीट्यूट में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत हुआ जागरूकता कार्यक्रम

सोच, स्वास्थ्य और परिवार को कमजोर करता है नशा : सिंह​

⚫ ​जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार : झंवर

⚫​ सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें युवा : शर्मा

हरमुद्दा
​रतलाम, 23 जुलाई। नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों से युवा पीढ़ी को बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से श्री योगीन्द्र सागर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस महाविद्यालय, रतलाम द्वारा 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

नशा मुक्ति के पोस्टर के साथ विद्यार्थी

महाविद्यालय के सह संचालक उमेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए स्लोगन, पोस्टर और चित्रकला (पेंटिंग) के माध्यम से समाज को नशा मुक्ति का कड़ा और प्रभावशाली संदेश दिया।

​प्रमुख विचार व मार्गदर्शन

सोच स्वास्थ्य परिवार को कमजोर करता है नशा

​नशा मनुष्य की सोच, स्वास्थ्य और परिवार को करता है कमजोर:
महाविद्यालय के निदेशक डॉ. लोकेन्द्र विक्रम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “नशा मनुष्य की सोच, स्वास्थ्य और परिवार—तीनों को ही कमजोर कर देता है।” उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए बताया कि नियमित शारीरिक व्यायाम और योग के माध्यम से आत्मबल बढ़ाकर हर प्रकार के नशे से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है।

जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

डीन एकेडमिक प्रो. गोविन्द झंवर ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे की समस्या को समाज या परिवार से छिपाने के बजाय समय रहते विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए।

सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें युवा

सहसंचालक उमेश शर्मा एवं वरदान शर्मा ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों का आह्वान किया कि वे खेल-कूद, पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करें और नशे से दूर रहें।

नारों से गूंज उठा परिसर, ली गई नशा मुक्ति की शपथ

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हाथ में संदेश पट्टिकाएं (प्लैकार्ड्स) लेकर आमजन को जागरूक किया। इस दौरान महाविद्यालय का वातावरण कई प्रभावशाली नारों से गुंजायमान रहा।

"नशे से दूरी है जरूरी"
​"स्वस्थ युवा – सशक्त भारत"
​"नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो"
​"नशा मुक्त युवा, सुरक्षित समाज"

संचालन प्रो. मीमांशा मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को स्वयं नशा मुक्त रहने और दूसरों को भी इसके प्रति प्रेरित करने के लिए संकल्प दिलाते हुए नशा मुक्ति अभियान के तहत सामूहिक शपथ दिलवाई।

गरिमापूर्ण उपस्थिति

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रो. अमीषा जोशी, प्रो. श्रुति शुक्ला, प्रो. अंशिता शर्मा, डॉ. लालिमा व्यास सहित समस्त शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।