फैसला : कॉलोनाइजर मनीष सुराणा को 3 साल की सजा और जुर्माना

फैसला : कॉलोनाइजर मनीष सुराणा को 3 साल की सजा और जुर्माना

मामला नगर निगम में बंधक प्लाटों को बिना अनुमति के बेचने और निर्माण का

⚫ नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की भी रही मिली भगत

⚫ मामला जून 2010 का

⚫ तीन आरोपियों गिरीराज कुमार जायसवाल, संदेश शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा को किया दोषमुक्त

हरमुद्दा
रतलाम, 2 अप्रैल। नगर निगम में बंधक रखे प्लाटों को बिना अनुमति के बेचने वाले आरोपी को 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 22000 रुपए के जुर्माने से दण्डित किया गया। इस मामले में नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत रही। न्यायालय द्वारा प्रकरण के अन्य तीन आरोपियों गिरीराज कुमार जायसवाल, संदेश शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा को दोषमुक्त किया गया।


न्यायिक मजिस्ट्रैट प्रथम श्रेणी प्रगति असाटी द्वारा 2 अप्रैल 2026 को दिए गए निर्णय में बताया कि कॉलोनाइजर आरोपी मनीष पिता पूनमचन्द्र सुराना (42) निवासी 19 बिचलावास रतलाम को भारतीय दण्ड संहिता के तहत धारा 420 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए एवं धारा 201 में 06 माह का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए के जुर्माने से दण्डित किया गया गया। म.प्र नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के तहत धारा 292 सी में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10000 रुपए के जुर्माने से एवं धारा 36 में 4 माह का सश्रम कारावास एवं 2000 रुपए के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी हेमन्त राठौर द्वारा की गई।

जून 2010 में हुआ था मामला दर्ज

प्रभारी सहायक निदेशक अभियोजन योगेश कुमार तिवारी ने बताया कि थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र रतलाम को पुलिस अधीक्षक रतलाम का पु.अ./रत/रीडर /3946-ए/09  जून 2010 का प्राप्त हुआ था।

इन्होंने दिया आवेदन

पत्र के साथ आवेदक भगवतीलाल पिता श्यामसुन्दर सोनी, निवासी चांदनी चैक रतलाम के आवेदन की छायाप्रति, नगर निवेश कार्यालय रतलाम की समिति की रिपोर्ट जिसमे गोपाल नगर कालोनी, ग्राम राजगढ़ के कालोनाईजर मनीष सुराना द्वारा नगर निवेश द्वारा स्वीकृत नक्शे से विपरित कृत्य किया गया।

सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी भूमि पर किया निर्माण

 सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी गई भूमि पर अवैध निर्माण करवाकर अवैध लाभ अर्जित किया। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक एस. आर. पाटीदार द्वारा आरोपी मनीष के विरूद्ध अपराध क. 308/10 धारा 420 भादवि में पंजीबद्ध प्रकरण के अनुसंधान में किया गया। 

प्रकरण के अनुसंधान में मिला यह

इसमें आरोपी मनीष सुराना द्वारा सर्वे नम्बर 102/1 व 102/2 के स्वीकृत अभिन्यास अनुसार कुल रकबा 0.470 हेक्टर में से 0.050 हेक्टर (497 वर्ग मीटर) बगीचे के लिए आरक्षित की गई थी, किन्तु बगीचे तथा रास्ते की 1400 वर्गफीट भूमि पर छत विहीन निर्माण किया गया। कालोनी की सड़क की चौड़ाई 24 फीट 06 इंच के स्थान पर 20.9 फीट की सड़क बनाकर 4 फीट सड़क कम कर दी गई। स्वीकृत अभिन्यास अनुसार भूखण्ड की चौड़ाई 11 फीट तथा लंबाई 45 फीट को बदल कर विभिन्न चौड़ाई में विभक्त कर भूखण्डो के आगे व पीछे 8 फीट व 5 फीट खुला सीमांत क्षेत्र नहीं छोड़ा। सम्पूर्ण भूखण्ड पर निर्माण किया गया। 

17 भूखंड रखे थे बंधक, उन्हें भी कर दिया विक्रय

आरोपी मनीष सुराणा द्वारा गोपाल नगर के कुल भूखण्डो में से 25 प्रतिशत अथार्त 17 भूखण्ड भवन सरल कमांक 13 से 17 तथा 42 से 49 तक के बंधक रखे गए थे। उक्त बंधक भूखण्डो को अनाधिकृत रूप से बंधक मुक्त करवाए बिना भूखण्डो को विक्रय कर दिया गया। 

इन सबके हुए कथन

साक्षी धर्मराज यादव, रेखा दुबे, सलामत खान, कृष्णवल्लभ शर्मा तथा समिति के सदस्य उपयंत्री नगर निगम रतलाम अनवर कुरैशी, पटवारी निनामा, राजस्व निरीक्षक भेरूलाल रावल के कथन लिए गए।

प्राप्त की रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रतिलिपियां

अनुसंधान के दौरान नगर निगम रतलाम से बंधक भूखण्डो के नामांतरण तथा भवन निर्माण की अनुमति की जानकारी बंधकनामा की प्रमाणित प्रति प्राप्त की गई। जिला पंजीयक कार्यालय रतलाम से बंधक भूखण्डो को आरोपी मनीष सुराणा द्वारा विक्रय करने की रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रतिलिपियां प्राप्त की गई है।

नगर निगम के जिम्मेदारों ने किया नामांतरण और दी निर्माण की अनुमति

प्राप्त जानकारी अनुसार बंधक भूखण्डो को नगर निगम रतलाम के अधिकारी संदेश शर्मा, जी.के. जायसवाल, ओमप्रकाश शर्मा द्वारा बंधक रखे गए भूखण्डो पर भवन निर्माण की अनुमति व नामांतरण किया गया। जबकि कालोनी का निर्माण पूर्ण नहीं हुआ था। बंधक भूखण्डो को बंधक मुक्त नहीं करवाया गया था। उक्त आरोपियों द्वारा आरोपी मनीष सुराणा के साथ षड़यंत्र में शामिल होकर बंधक भूखण्डो की भवन निर्माण अनुमति व नामान्तरण इनके द्वारा किया गया, जो धारा 120 बी भादवि का कृत्य किया पाया गया। आरोपी संदेश शर्मा, जी. के. जायसवाल, ओमप्रकाश शर्मा की गिरफ्तारी की आवश्कता नहीं होने से 08 मई 2018 को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए धारा 41 (क) जा.फो. का सूचना पत्र तामील करवाया गया। प्रकरण में धारा 120 बी भादवि तथा धारा 293 म.प्र. नगर निगम अधिनियम, धारा 36घ म.प्र. नगर एवं निवेश अधि. 1973, धारा 292-सी म.प्र. कालोनाईजर एक्ट की बढाई गई।

भूखंड क्रेताओं के साथ किया छल

संपूर्ण विवेचना कथन गवाह, नगर निवेश कार्यालय रतलाम की जांच रिपोर्ट एवं नगर निगम रतलाम से प्राप्त दस्तावेजों से आरोपी मनीष द्वारा नगर निगम रतलाम में बंधक भूखण्डो को विकय कर नगर निगम रतलाम तथा भूखण्ड क्रेताओं के साथ छल किया। आरोपी संदेश शर्मा, जी. के. जायसवाल, ओमप्रकाश शर्मा द्वारा बंधक भूखण्डो की भवन निर्माण अनुमति व नामांतरण कर षडयंत्र में शामिल  आरोपियों के विरूद्ध अपराध धारा 420, 120-बी भादवि तथा 293 नगर निगम एक्ट, धारा 36घ म.प्र. नगर एवं निवेश अधि. 1973, धारा 292 सी म.प्र. कालोनाईजर एक्ट का अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

एक को सजा, तीन दोष मुक्त

विचारण उपरांत न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर से कुल 12 साक्ष्य करवाए एवं दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त मनीष पिता पूनमचन्द्र सुराना (42) निवासी 19 बिचलावास रतलाम को दोष सिद्ध किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के अन्य तीन आरोपियों गिरीराज कुमार जायसवाल, संदेश शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा को दोषमुक्त किया गया।